Hindi

18th December 2019 आप सभी भक्तों को हरे कृष्ण ! कृष्णा बलराम की जय ! मैं अभी वृंदावन में हूं इसलिए स्वाभाविक रूप से मेरी जिव्हा पर कृष्ण बलराम के नाम आ रहे हैं। आप सभी इतने दिनों से ज़ूम पर जप कर रहे थे परंतु मैं आपके साथ नही था अब मैं पुनः स्वयं को ट्रैक पर ला रहा हूं। आज का यह जप सत्र पूर्ण रूप से जप के लिए है इसमें किसी भी तरह की चैटिंग नहीं होगी इसलिए हमने चैट ऑप्शन को निष्क्रिय कर दिया है। आप अपने अनुभव "आइए एक साथ जप करें "का जो फेसबुक पेज है उस पर पोस्ट कर सकते हैं। सदैव जप करते रहिए यही युगधर्म है। हरेर नाम इव केवलम इसके अलावा और कोई मार्ग नहीं है। आपको यह जप तब तक करना है जब तक आप प्रेम पूर्वक जप करना नहीं सीख जाते, उस समय आपका जप प्रेम के साथ होगा। एक बार यदि आपने प्रेम पूर्वक यह जप करना प्रारंभ कर दिया तो आप कभी भी इसे छोड़ नहीं पाएंगे। आप फिर कभी जप नहीं रोक सकते। आप इस हरी नाम से प्रेम करने लग जाएंगे। अभी आपके ह्रदय में भगवान तथा उनके पवित्र नामों के प्रति प्रेम नहीं है। इसलिए हम उस प्रेम को पुनः प्रकट करने के लिए हरे कृष्ण महामंत्र का जप करते हैं और हम भगवान को संबोधित करते हुए पुकारते हैं हरे कृष्ण हरे कृष्ण। हे कृष्णा आप कहां हो ? मैं आपका हूं। कृपया मुझे स्वीकार कीजिए। सेवा योग्यं कुरु अर्थात आप मुझे अपनी सेवा के योग्य बनाइए। आज जब मैं यह कॉन्फ्रेंस प्रारंभ करने वाला था तब अनादि गौर प्रभु ने मुझे कहा कि जब आप जप करते हैं उस समय आपको कैमरे की ओर देखना चाहिए, क्योंकि आप इस कांफ्रेंस के माध्यम से भक्तों को संबोधित करते हैं अतः आपको उनकी ओर देखकर जप करना चाहिए। हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे जब मैं इसका जप करता हूँ तो मैं आप सभी को संबोधित करता ही हूं अतः मुझे आप सभी से नजर मिलाकर जप करना चाहिए। ऐसा प्रभु का प्रस्ताव था और एक हद तक यह सही भी है क्योंकि मैं जब हरे कृष्ण महामंत्र का जप करता हूं तो मैं आप सभी को सुनाता हूं और आप को संबोधित भी करता हूं। परंतु जप करते समय इसका सीधा संबोधन तो परम भगवान श्री कृष्ण के लिए हैं। हरे कृष्ण हरे कृष्ण 32 शब्द तथा 16 नामों से युक्त यह महामंत्र पूर्ण रूप से भगवान का संबोधन है। हम कृष्ण: नहीं कहते हैं अपितु कृष्ण कहते हैं। हरे कृष्ण हरे राधा रानी का संबोधन है। राधा रानी हरा है क्योंकि वह भगवान श्री कृष्ण के मन को भी हर लेती है परंतु जब हम हरा को संबोधित करते हैं तो हम हरे कहते हैं और इस प्रकार से उन को संबोधित करके हम चाहते हैं कि वह हमें भी अपनी और आकर्षित करें वह हमारा भी चित् हर ले। कृष्ण: राम: यह भगवान के नाम है। परंतु जब आप इस महामंत्र को संस्कृत अथवा देवनागरी लिपि में पढ़ते हैं तो वहां कृष्ण और राम शब्द के पीछे आपको दो : नहीं दिखेंगे। यह राम: तथा कृष्ण: नहीं होगा। इस महामंत्र में चार बार कृष्ण नाम आता है और चार बार राम नाम आता है परंतु एक भी स्थान पर यह कृष्ण: अथवा राम: नहीं है। मैं आपको यह इसलिए बता रहा हूं क्योंकि यह संबोधन है हम भगवान को पुकारते हैं ।जब आप इस प्रकार से कृष्ण और राम से : हटा देते हैं तो यह संबोधन बन जाता है। जप करते समय हम सीधे भगवान को संबोधित करते हैं। और इस प्रकार हम जिसे भी संबोधित करें हमें उनकी ओर देखना चाहिए। यदि आप किसी को बुला है और उनकी ओर न देखकर किसी अन्य दिशा में देखें तो वह ठीक नहीं है अतः हमें यह स्मरण होना चाहिए कि हम इस हरे कृष्णा महामंत्र के जाप के द्वारा इन्हें पुकार रहे हैं यदि हमें इनका स्मरण होगा तभी हमारा जब पूर्ण होगा और सफल होगा। जब हम राधा कृष्ण को पुकारते हैं अथवा उनका संबोधन करते हैं तो हमें उनके रूप गुण लीला तथा धाम का स्मरण होना चाहिए भगवान सर्वशक्तिमान है । भगवत गीता में भगवान कहते हैं - न मे भक्त्या प्रणश्यति। यहाँ भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को यह कहते हैं कि अर्जुन तुम यह घोषणा करो कि मेरे भक्तों का कभी विनाश नहीं होता अतः हमें इसका स्मरण रखते हुए जप करना चाहिए जब ऐसा होगा तो भगवान अवश्य हमारी रक्षा करेंगे। अवश्य रक्षीबे कृष्णा अर्थात कृष्णा अवश्य हमारी रक्षा करते हैं। जब द्रौपदी ने भगवान को पुकारा तो वह अत्यंत कातर भाव से पुकार रही थी हे कृष्ण हे कृष्ण। जिस समय द्रौपदी भगवान को पुकार रही थी उस समय वह कृष्ण का स्मरण भी कर रही थी। और भगवान अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। अतः ऐसे भगवान का स्मरण करना चाहिए जो अपने भक्तों की रक्षा करते हैं अतः जप करते समय हमें भगवान के रूप गुण और लीला का स्मरण होना चाहिए और द्रौपदी भी भगवान को पुकारते समय इनका स्मरण कर रही थी इसी के परिणाम स्वरूप भगवान स्वयं वहां पधारे। इति षोडशकम नाम्नां कली कल्मष नाशनम अर्थात यह 16 नाम कलयुग के सभी प्रकार के पापों का नाश कर सकते हैं। इस प्रकार जब हम जप करते हैं तब हम सीधे भगवान के साथ संपर्क में होते हैं हमारे और भगवान के मध्य और कोई नहीं होता। श्रील प्रभुपाद कहते थे कि हरे कृष्ण महामंत्र का जप करना भगवान श्री कृष्ण को फोन लगाने के समान है। हरे कृष्ण हरे कृष्ण महामंत्र भगवान श्री कृष्ण का फोन नंबर है। क्या और किसी का इतना बड़ा नंबर हो सकता है ?यह केवल भगवान का ही नंबर हो सकता है जो इतना बड़ा हो। अतः जब आप इस प्रकार भगवान को फोन लगाते हैं तो भगवान आपके फोन का उत्तर देते हैं और इस प्रकार से आप भगवान के साथ सीधे लाइन पर होते हैं और यह लाइन पूरे दिन 24 घंटे खुली रहती है अर्थात आप जब भी भगवान को पुकारेंगे आपका उनके साथ सीधा संबंध स्थापित हो जाएगा। इस प्रकार जब आप भगवान को फोन लगाते हैं तब आप उनसे पूछते हैं हरे कृष्ण हे कृष्णा आप कैसे हैं? आप का रूप कैसा है? हे राधे आप कैसी हैं? आप का रूप कैसा है? आप के कौन-कौन से गुण हैं ? आपका धाम कौन सा है ? आपके भक्त तथा पार्षद कैसे हैं ? इस प्रकार से जप करते समय यह सभी बातें हमारे मन में आनी चाहिए और तब हम नाम स्मरण कर पाएंगे भगवान के नाम का स्मरण करना वास्तव में भगवान का स्मरण करने के समान है। श्री राधिका माधव यौर अपारं माधुर्य लीला गुण रूप नाम्नां। प्रतिक्षण आस्वादन लोलुपस्य, वन्दे गुरौ श्री चरणारविन्द ।। आप सभी मंगल आरती में इस श्लोक को गाते हैं अतः जप करते हुए हमें भगवान के नाम रूप गुण तथा लीला का स्मरण होना चाहिए। कल प्रातः 6:00 बजे आपसे पुनःभेंट होगी तब तक आप जप करते रहिए। हरे कृष्ण

English

18th December 2019 Call the Lord’s Hotline. Chant the maha-mantra Hare Krishna to all the chanters. Krishna Balarama Ki Jai! I am in Vrndavan so the names of Krsna Balaram is coming from my mouth. You have all been chanting on Zoom and now I am getting back on track. It will be purely a chanting session with no chat option. You are free to post your realisations on Let’s Chant Together Facebook page whenever you get time. Keep chanting. It is the yuga dharma. harer namaiva kevalam - there is no other way. You will have to chant till you chant with love, prema purvak japa, japa filled with love. Once you chant with love for the Lord you will not leave chanting. You won’t stop chanting. You will fall in love with the holy name. Now you don’t have love for the Lord or His name. So to revive the love for the Lord we are calling 'Hare Krishna, Hare Krishna'. 'Where are you, Krsna? I am Yours. Please accept me.' seva yogayam kuru Please make me eligible for Your service. Today when I was about to start chanting Anadi Gaura Prabhu said to me “Look at the chanters whom you are addressing. So I looked at the camera. I was thinking I am ad-dressing the devotees Hare Krishna, Hare Krishna, Krishna Krishna, Hare Hare Hare Rama, Hare Rama, Rama Rama, Hare Hare I am addressing all of you so I should look at you so that there is eye contact.This is right that I address you and make you hear the Hare Krishna maha-mantra. But while chanting the maha-mantra we are directly addressing the Lord. Hare Krishna, Hare Krishna - all these 32 letters and 16 names of the maha-mantra is addressing the Lord. We don't say Hara Krishna, we say Hare Krishna and that addresses Radharani. She at-tracts the heart of Krsna and of everyone so She is called Hara. But when we call Hara or if we want to attract Her attention we say Hare. So for addressing Hara we say Hare. Krsna is also addressed as Lord Krsna. Krishnah, Ramah this grammar visarga the two dots, these are names. When you read the maha-mantra when it is written in Sanskrit or Devanagari you see those two dots after Krsna or Rama. There is 4 times Rama, 4 times Krishna, its not Krishnah, Ramah. I am explaining this because I want to tell you that its sambhodan, an address to the Lord. Once you remove visarga then that is sambhodhan Krsna Rama. While chanting we are addressing the Lord directly. We are calling the Lord. Whomever we call, we have to look at him. It should not be that you are calling someone and looking at someone else. We also have to remember that person whom we are calling then only is your calling complete and successful. When we call Radha and Krsna we have to look at Them remembering Their Rupa, Guna, Lila Dhama. The Lord is all capable. ksipram bhavati dharmatma sasvac-chantim nigacchati kaunteya pratijanihi na me bhaktah pranasyati Translation: He quickly becomes righteous and attains lasting peace. O son of Kunti, declare it boldly that My devotee never perishes. (BG 9.31) Sri Krsna asks Arjun to boldly declare that His devotees will never perish. Remember this and chant. Lord will surely protect. dainya, atma nivedana, goptritve varana / avasya rakshibe krishna vishvasa palana Translation: 1.Humility, 2. self-dedication, 3. accepting Him as one´s only maintainer and guardi-an, 4. having complete conviction that Krsna will surely protect us Draupadi also called ‘He Krsna He Krsna’. As Draupadi is calling Krsna, she is also re-membering Krsna. The Lord protects His devotees. So remembering such a Lord who protects His devotees, remembering His Rupa, Guna, Lila she called and the Lord came. sa hovaca hiranyagarbhah | hare krshna hare krshna krshna krshna hare hare | hare rama hare rama rama rama hare hare || iti shodasakam namnam kalikalmashanasanam | natah parataropayah sarvavedeshu drsyate || Translation: Lord Brahma instructed Narada as follows: “The sixteen words of the Hare Krsna maha-mantra - Hare Krsna Hare Krsna Krsna Krsna Hare Hare Hare Rama Hare Rama Rama Rama Hare Hare - are especially meant for counteracting the sins of Kali-yuga. To save oneself from the contamination of Kali-yuga there is no other al-ternative, but to chant the Hare Krsna maha-mantra. After searching through all the Vedic scriptures one cannot find a method of religion for this age (Kali-yuga) so sublime as the chanting of the Hare Krsna maha-mantra.” The 16 names with which we call the Lord and directly address Him means there is no-body in between. Srila Prabhupada would say that chanting the maha-mantra is a tele-phone call to the Lord. Hare Krishna Hare Krishna is Krsna’s phone number. Does any-body have such a long phone number? It can only be the Lord’s number. So when you call the Lord, He attends your call. His line is the hotline, enabled 24 hours a day. So chanting means getting connected to the Lord. Hare Krishna, He Krishna, how are You? How’s Your Rupa? He Radhe, how are You? How’s Your rupa? How are Your gunas? How is Your dhama? How are Your devotees? So all these things we remember and we call the Lord. We do nama smaran. Remember-ing His name means remembering the Lord. sri-radhika-madhavayor apara madhurya-lila guna-rupa-namnam prati-kshanasvadana-lolupasya vande guroh sri-caranaravindam You all must have sung this in mangala arati. So while chanting we remember Nama, Rupa, Guna, Lila of the Lord. We will continue at 6 am tomorrow morning. Meet you then.

Russian

Джапа сессия 18-Декабрь-2019 Позвоните на горячую линию Господа. Воспевайте маха-мантру. Харе Кришна всем воспевающим. Кришна Баларама ки Джай! Я во Вриндаване поэтому имена Кришла Баларам произносятся мной. Вы все воспевали на зум и вот я возвращаюсь. Это будут сессии полностью посвященные воспеванию и без чата. Вы можете в любое время поделиться своими впечатлениями на нашей официальной странице на Фейсбук - Let’s Chant Together. Продолжайте воспевать. Сейчас юга дхарма. Харер намайва кевалам – нет другого пути. Вы должны воспевать, пока не начнете делать это с любовью – према пурвак джаппа – джаппа наполненная любовью. Как только вы начнете воспевать с любовью, вы больше не сможете остановиться. Вы будете влюблены в святое имя. Сейчас в вас нет любви к Огу или к его имени. И чтобы получить эту любовь, мы зовем: «Харе Кришна, Харе Кришна, Где ты Кришна? Я твой. Пожалуйста, прими меня.» Сева йогайам куру Пожалуйста, сделай меня достойным служить Тебе. Сегодня, когда я только начинал воспевание, Анади Гаура Прабху сказал мне « Смотри на тех, кому адресовано твое воспевание». Я посмотрел в камеру. Я думал о том, что обращаюсь к преданным. Харе Кришна Харе Кришна Кришна Кришна Харе Харе Харе Рама Харе Рама Рама Рама Харе Харе Я обращаюсь ко всем к вам, поэтому мне следует смотреть в глаза. Это верно, что я обращаюсь к вам и делаю так, чтобы вы слышали маха-мантру. Но, воспевая маха мантру, на самом деле, мы все обращаемся к Господу. Харе Кришна Харе Кришна – все эти 32 буквы и 16 имен маха мантры обращены к Богу. Мы не говорим Хара Кришна, мы говорим Харе Кришна и этим обращаемся к Радхарани. Она привлекла сердце Кришны и всех остальных, и зовут ее Хара. Но когда мы зовем Хару или хотим привлечь ее внимание, мы говорим Харе. И так, чтобы обратиться к Хара, мы зовем Харе. Кришна также адресовано к Господу Кришне. Кришнах, Рамах – это грамматическая висагра с двумя точками над буквами, это имена. Когда вы читаете маха мантру на санскрите или деванагари, то вы видите эти две точки над именами Кришна или Рама. Там 4 раза Кришна и 4 раза Рама, не Кришнах или Рамах. Я обьясняю это потому, что хочу, чтобы ва знали, что это обращение к Господу – самбходан. Стоит убрать висагру и это становится самбходханом Кришна Рама. Воспевая, мы обращаемся непосредственно к Богу. Мы зовем Бога. Кого бы мы не звали, мы должны смотреть на него. Не должно быть так, что вы зовете одного, а смотрите на кого-то другого. Также надо помнить о том, кого мы зовем, чтобы процесс был полным и успешным. Когда мы зовем Радху и Кришну, мы должны смотреть на них и помнить об их Рупе, Гуне, Лиле и Дхарме. Господь всеобъемлющ. ксипрам бхавати дхарматма сасвач-чантим нигаччати каунтея пратиджанихи на меня бхактах пранашйати Перевод: Он быстро становится праведным и достигает прочности мира. О сын Кунти, смело заявляй, что Мой преданный никогда не погибнет. (9,31 БГ) Шри Кришна просит Арджуну смело заявить, что Его преданные никогда не погибнут. Помни это и повторяй. Господь обязательно защитит. даинйа, атма ниведана, гоптритве варана / авасья ракшибе кришна вишваша палана Перевод: 1.Смирение, 2. самоотверженность, 3. принятие Его как единственного хранителя и спасителя 4. полное убеждение, что Кришна, несомненно, защитит нас. Драупади также называется «Хе Кришна Хе Кришна». Когда Драупади зовет Кришну, она также вспоминает Кришну. Господь защищает Своих преданных. Итак, вспомнив о таком Господе, который защищает Своих преданных, вспомнив Его Рупу, Гуну, Лилу, она позвала, и Господь пришел. Са ховака хиранйагарблах| харе кршна харе кршна кршна кршна харе харе | харе рама харе рама рама рама харе харе || ити шодашакам намнам каликальмашанасанам | натах паратаропайах сарваведешу дришйате || Перевод: Господь Брахма наставлял Нараду следующим образом: «Шестнадцать слов Харе Кришна маха-мантры - Харе Кришна Харе Кришна Кришна Кришна Харе Харе Харе Харе Рама Харе Рама Рама Рама Харе Харе - предназначены для противодействия грехам Кали-юги. Чтобы спасти себя от загрязнения Кали-юги, нет другой альтернативы, кроме как повторять Харе Кришна маха-мантру. Изучив все ведические писания, нельзя найти другой религии для этого века (Кали-юга), столь возвышенный, как воспевание Харе Кришна маха-мантры ». 16 имен, которыми мы называем Господа и непосредственно обращаемся к Нему, означают, что между нами нет никого. Шрила Прабхупада сказал бы, что повторение маха-мантры - это телефонный звонок Господу. Харе Кришна Харе Кришна это номер телефона Кришны. У кого-нибудь есть такой длинный номер телефона? Это может быть только число Господа. Поэтому, когда вы зовете Господа, Он отвечает на ваш зов. Его линия - горячая линия, доступная 24 часа в сутки. Воспевание означает связь с Господом. Харе Кришна, Кришна, как дела? Как твоя Рупа? Радхе, как ты? Как твоя Рупа? Как твои гунны? Как твоя дхама? Как твои преданные? Итак, все это мы помним и называем Господом. Мы делаем нама смаран. Помнить Его имя - значит помнить Господа. шри-радхика-мадхавайор апара мадхурья-лила гуна-рупа-намнам прати-кшанасвадана-лолупасья ванде гурох шри-чаранаравиндам Вы все должны были петь это в мангала арати. Поэтому, воспевая, мы помним Нама, Рупу, Гуну, Лилу Господа. Мы продолжим в 6 утра завтрашнего утра. Тогда встретимся. «Мы практиковали 5 из 64 преданных служений на фестивале вьяса-пуджи - садху-санга, нама-санкиртана, бхагават-шраван, арча виграха сева и дхама-ваас. "Джапа толк, 18 июля 2019 года"